इन 11 बतो को आप मानो तो Safalta और खुशी हमेसा आपके साथ होगी !!

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Safalta Ke Sutra In Hindi

!! इन 11 बतो को आप मानो तो Safalta और खुशी हमेसा आपके साथ होगी !!
1) बिता हुआ पल कभी दोबारा आपके जीवन में नहीं आयेगा. अपने भूतकाल के बारे में सोचकर चिंतित न रहे. उसे भूल जाए सिर्फ वर्तमान में जीते रहे और अपना कर्म पे धायन दे
2) दूसरो की कमियों को ढूंडना बंद करे और अपनी कमियों के बारे में जाने और उसे सही करने की कोसिस करे आपको अपने अंदर ही इतनी कामिया मिल जाएंगी की उसे ही सही करने मे जिंदगी निकल जाएगी और एक भी कमी को सही कर पाये तो आपकी लाइफ धीरे धीरे अच्छी होती जाएगी   
3) दूसरो के लिए हमेशा अच्छा करे. आपसे जितनी बन सके उतनी सबकी सहायता करे. मतलबी न बने. अपने मतलब को किसी की सहायता करते समय भूल जाये. आपकी ये आदत आपको भविष्य में सहायक साबित होगी और आपका जीवन आनंद और ख़ुशी से भर जायेगा.
4) समय के महत्त्व को समझे. गलत कामो में अपने कीमती समय को व्यर्थ न गवाये. आपके पास जितना भी समय बचा है, उसे अच्छे कामो में खर्च कीजिये और अच्छे लोगो के लिये खर्च कीजिये.
5) कोई भी काम शुरू करने से पहले उसके परिणाम के बारे में जरुर सोच ले और उसी के अनुसार क्रिया करे. ख़ुशी और शांति पाने के लिये अपने दिमाग में हमेशा किये जा रहे काम के परिणाम को रखिये.
6) कभी किसी को मायूस ना करे और सभी के लिये दयालु रहे. सभी की सहायता करे. इंसानों में ही भगवान् को देखने की कोशिश करे. अपने दिल से नफरत को निकाल दे, सभी के साथ अच्छा व्यवहार करे और धरती पर हर एक प्राणी से प्यार से रहे. आलोचनाओ से दूर ही रहे. कभी किसी का बुरा न चाहे. हमेशा अच्छे विचारो को ही दिमाग में आने दे, और अपने जीवन में भगवान् की प्रस्तुति को जाने.
7) कभी भी झूठ बोलकर अपने आप को महान बनाने की कोशिश न करे. झूठ बोलने की आदत आपको लम्बे समय के लिये अन्धकार में डाल सकती है. अपनी जुबान से हमेशा प्यार भरे, मीठे और सुन्दर वचन ही बोले.
8) अपने भरोसे पर एक फर्म स्थापित करे, फिर चाहे कुछ भी हो. किसी भी बलिदान के लिए हमेशा तैयार रहे. अपने द्वारा चुने हुए रास्ते को कभी न छोड़े.
9) हमेशा याद रखे की एक दिन तभी आता है जब आप अपने पास का सबकुछ छोड़ने के लिये तैयार रहते हो. क्योकि आपके साथ कुछ नही जाने वाला है. ये कभी न भूले की आपका अंतिम दिन, दिन ब दिन नजदीक आता है.
10) अपने कामो को ईमानदारी और निष्कपटता से करे. किसी भी काम को अधुरा ना छोड़े. जब तक सफलता नही मिलती तब तक कोशिश करते रहे. अपने सहकर्मियों पर निर्भर न रहे. धार्मिक ग्रंथो का यही सार है.
11) सफलता के मोती यूँ ही धुल में बिखरे हुए नहीं पड़े हैं. उन्हें पाने के लिए गहराई में उतरने की हिम्मत करनी होगी, बहुत ज्यादा कठोर परिश्रम करने और हमेशा करते रहने की शपथ लेनी होगी.

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