Kuch seekhne Laayak zaroori Baatein Pade

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Kuch seekhne laayak zaroori baatein pade

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जीवन में किसी का भला करोगे,
तो लाभ होगा…
क्योंकि भला (Help) का उल्टा लाभ (Gain) होता है ।
और
जीवन (Life) में किसी पर दया करोगे,
तो वो याद करेगा…
क्योंकि दया का उल्टा याद होता है।

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कुए में उतरने वाली बाल्टी यदि
झुकती है,
तो भरकर बाहर आती
जीवन का भी यही गणित है,
जो झुकता है वह
प्राप्त करता है…
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भरी जेब ने ‘ दुनिया ‘ (World) की पहेचान करवाई
और खाली जेब ने ‘ इन्सानो ‘ (Peoples)  की.

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जब लगे पैसा कमाने, तो समझ आया,
शौक तो मां-बाप (Mothers , Fathers) के पैसों (Money) से पुरे होते थे,
अपने पैसों से तो सिर्फ जरूरतें (Needs) पुरी होती हैl
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किनारे पर तैरने वाली लाश को देखकर ये समझ आया ..
..बोझ शरीर का नही साँसों का था..

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सर झुकाने से नमाज़ें अदा नहीं होती…!!!
दिल झुकाना पड़ता है इबादत के लिए…
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पहले मैं होशियार था,
इसलिए दुनिया बदलने चला था,
आज मैं समझदार हूँ,
इसलिए खुद को बदल रहा हूँ.

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बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर…
क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी
लगती है.
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मैंने समंदर से सीखा है जीने का
सलीक़ा,
चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना.

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प्रेम चाहिये तो
समर्पण खर्च करना होगा।
विश्वास चाहिये तो
निष्ठा खर्च करनी होगी।
साथ चाहिये तो
समय खर्च करना होगा।
किसने कहा रिश्ते
मुफ्त मिलते हैं ।
मुफ्त तो हवा भी नहीं मिलती
एक साँस भी तब आती है
जब एक साँस छोड़ी जाती हे

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