Maa Vaishno Devi Yatra In Hindi- मेरी यात्रा के कुछ पल

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Maa Vaishno Devi Yatra In Hindi

मित्रो आज मैं आपको अपनी लाइफ की बहुत ही खूबसूरत यात्रा के बारे में बताने जा रहा हूँ, इस यात्रा के बारे मे मैं जितना भी कहु बहुत कम होगा, माता वैष्णो देवी की यात्रा मेरे लिए बहुत ही खास यात्राओं में से एक रही है, इस लेख में मैं आपको वहां के कुछ अनुभव को बताना चाहता हु , माता की शक्ति से  कैसे १८ किलोमीटर यात्रा बड़ी आसानी से पूरी हो जाती है इसके बारे में भी बताऊगा। 
तो प्रेम से बोलो जय माता दी
पहाड़ों वाली माता वैष्णो देवी सबकी मुरादें पूरी करती हैं। उसके दरबार में जो कोई सच्चे दिल से जाता है, उसकी हर मुराद पूरी होती है। ऐसा ही सच्चा दरबार है- माता वैष्णो देवी का, जहां से कोई खली हाथ नहीं जाता है माता का बुलावा आने पर भक्त किसी न किसी बहाने से उनके दरबार पहुँच जाता है। हसीन वादियों में त्रिकूट पर्वत पर गुफा में विराजित माता वैष्णो देवी का स्थान हिंदुओं का एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जहाँ दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु माँ के दर्शन के लिए आते हैं।
Maa Vaishno Devi

  • मित्रो माता जी के दरवार पहुंचने का सबसे पहला पड़ाव जम्मू है,  
  • जम्मू से दूसरा पड़ाव कटरा होता है जो कि जम्मू का एक गाँव है। जम्मू से कटरा की दूरी लगभग 50 किमी है। माँ वैष्णो देवी यात्रा की शुरुआत कटरा से होती है।
  • यात्रा पर्ची प्राप्त करने के बाद हम अपनी यात्रा बाणगंगा चेक पोस्ट से शुरू करते है
  • बाणगंगा के बाद अगला पड़ाव चरण पादुका है। ऐसा माना है की यहाँ पर माता रानी के पद चिन्ह है। पहले यहाँ एक छोटा सा मंदिर हुआ करता था परन्तु अब यहाँ एक सुन्दर मंदिर का निर्माण किया गया है। 
  • अगला पड़ाव है अर्ध कुवारी की गुफा का इस गुफा में माता रानी ने नौ मॉस तक रह के तपस्या की थी।  इसे गर्भ जून भी कहा जाता है। 
  •  अर्ध कुवारी से अगला पड़ाव माता का दरवार है
Maa Vaishno Devi Yatra In Hindi

पहले पड़ाव तक कैसे पहुंचे-  जम्मू जाने के लिए आपको रेलवे, बस टैक्सी, आदि मिल जायगे, मैं तो गोरखपुर से जम्मू ट्रैन से ही जाता हु , ट्रैन  यात्रा  हमे बहुत अच्छी लगती है लेकिन अगर आप ट्रैन से जम्मू जाने की सोच रहे है तो आपको २ महीने पहले ही टिकट बुक करा लेनी होगी, यहाँ आने वालो का ताता १२ महीने लगा रहता है तो अगर आप पहले  टिकट नहीं लेते है तो आपको परेशानिओं का सामना करना पढ़ सकता है , ट्रैन से जम्मू जाना  सस्ता पड़ता है और पूरा मजा भी आता है 
Maa Vaishno Devi Yatra In Hindi
अगर आप बस से जाना चाहते है तो जम्मू भारत के राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 1 ए पर स्थित है। अत: यदि आप बस या टैक्सी से भी जम्मू पहुँचना चाहते हैं तो भी आपको कोई परेशानी नहीं होगी। उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों से जम्मू के लिए आपको आसानी से बस व टैक्सी मिल सकती है। नजदीकी हवाई मार्ग : जम्मू (48 km )दिल्ली से यह सफ़र 80 मिनिट की दुरी पर है | प्रतिदिन रोज हवाई जहाज दिल्ली , मुंबई , श्रीनगर और बड़े महानगरो से उपलब्ध है | हलाकि मंदिर वर्ष भर भक्तो के लिए दर्शन पाने हेतु खुला रहता है पर सर्दी मे बर्फ बारी के कारण यात्रा थोड़ी कठिन हो जाती है |

दूसरे पड़ाव तक कैसे पहुंचे - हमारा दूसरा पड़ाव कटरा है, जम्मू से कटरा की दूरी लगभग 50 किमी है। आप जम्मू से बस या टैक्सी द्वारा कटरा पहुँच सकते हैं। जम्मू रेलवे स्टेशन से कटरा के लिए आपको बसें बहुत आसानी से मिल जाएँगी, जिनसे आप 2 घंटे में आसानी से कटरा पहुँच सकते हैं। कुछ टाइम पहले मैं गया था तो जम्मू से कटरा तक बस  का ५० रूपए किराया था , अब तो Shri Mata Vaishno Devi Katra (SVDK) रेलवे स्टेशन बन जाने से आप जम्मू से कटरा ट्रैन से भी जा सकते है , ट्रैन से कटरा जाने का मेरा अनुभव काफी अच्छा रहा है  वो पहाड़ों के बिच से निकलती आपकी ट्रैन पहाड़ों नदियों झरनों र्स होते हुए कटरा पहुंचती है क्या सुन्दर दर्शए है मैं शब्दों में बता नहीं सकता, मैं बस इतना ही कहूंगा की कटरा जाओ तो ट्रैन से ही जाओ
vaishno devi yatra road

अब आपको अपनी यात्रा के बारे में बताता हूँ , दोस्तों मैं  गोरखपुर UP का रहने वाला एक घुमकड़ किस्म का आदमी हू, जिसको अगर पैसो की प्रॉब्लम न हो तो वो हमेशा घूमता ही रहे , मैं जम्मू  अक्सर नवरात्री में ही गया हु , नवरात्री में जाने के लिए मैंने गोरखपुर से अमरनाथ एक्सप्रेस में दो महीने पहले रिजर्वेशन कराया डेट थी  २०/१०/२०१५  टाइम ०२ बजे दिन का और हम जम्मू २१/१०/२०१५ शाम २ बजे पहुंच गए आधे घंटे आराम करने के बाद जम्मू से कटरा के लिए ट्रैन मिल गयी जो हमे कटरा ४.३० पे पंहुचा दी कटरा स्टेशन पे ही हमने यात्रा पर्ची ली और आगे बढे कटरा से बाणगंगा थोड़ी दुरी पे है तो हमने ऑटो कर लिया उसने २० रूपए लिए और वह छोड़ दिया जहां से यात्रा आरम्भ होती  है 

vaishno devi yatra helipad
वहां से हमने ॐ श्री गणेशाय नमः जय माता दी बोलकर यात्रा प्रारम्भ की, बाणगंगा पार करते ही घोडे व खच्चर मिल जाते है , लेकिन माता के दरवार जाने के लिए हमने पैदल यात्रा को चुना, पैदल यात्रा अत्यंत शांति देने वाली होती है रस्ते के एक ओर ऊँचे पहाड़ तथा दूसरी ओर ऊंचाई से दिखता कटरा शहर। यह दृश्य मन को मोह लेता है। कुछ  दूर जाने पर पैरो में वो मीठा मीठा दर्द स्टार्ट हुआ मजा भी आ रहा था और दर्द भी हो रहा था उस दर्द का मजा ही कुछ और होता है वो ठण्ड भरी हवा  जब गर्मी हुए बदन को छू के निकलती है तो सारे दर्द दूर हो जाते है , और माता की शक्ति से आपको दर्द का पता ही नहीं लगता, हम तो चले जा रहे थे जय माता दी बोलते बोलते जहां थोड़ा लगता आराम कर ले तो रुक के बैठ जाते , रस्ते में आपको हर जगह बैठने के लिए बेंच और खाने पिने के लिए जरुरी चीजे मिलते रहती है रास्ते में श्राइन बोर्ड द्वारा कई भोजनालय बनाये गए है जहा साफ़ सुथरा भोजन उच्चित मूल्य पर मिलता है। 
katra railway station jammu
जय माता दी बोलते बोलते हम अर्द्धकुंवारी पहुंच  गए, अर्द्धकुंवारी पहुंचने का मतलब है आपने अपनी आधी यात्रा पूरी कर ली है अर्द्धकुंवारी में हम लोगो ने २० मिनिट आराम किया उसके बाद फिर से यात्रा शुरू की कुछ दूर चलते थोड़ा रुकते फिर चलते यू ही हम दरवार के निकट पहुंच गए क्लॉक रूम में अपना  सामान जमा किया और फिर थोड़ी ही ऊपर जाने पे नहाने की वयवस्था है, वहां हम लोग नहाए वहां का पानी इतना ठंडा था की हालत ही खराब हो गयी बर्फ से भी ठंडा पानी  है  अब सुबह के ४.३०  हो रहे थे डेट थी २२/१०/२०१५ विजय दशमी क्या टाइम से हम लोग दरवार पहुंचे थे, वहां दर्सन हुए मन को वो अशीम संतुष्ठि मिली की पूछो मत, लेकिन ये है की आप जब भवन में जाओ तो गुफा में तीन पिण्डियों पे ही घ्यान दो वरना इंतना टाइम नहीं होता की आप एकदम अच्छे से दर्सन कर पाओ गुफा के अन्त में महालक्ष्मी, महासरस्वती एवं महाकाली तीन भव्य-पिण्डियों के रूप में विराजमान हैं ।  इन तीनों पिण्डियों में मध्यवाली को माता वैष्णोदेवी भी कहते हैं । इस प्रकार से हमने माता के दर्शन किये

Maa Vaishno Devi Yatra In Hindi
  • माता के जयकारे के साथ यात्रा प्रारम्भ करें 
  • यात्रा के दौरान अपने साथ गर्म कपडे जरूर लेकर चले 
  • यात्रा के दौरान टार्च जरूर लेकर चले
  • यहाँ पर प्रीपेड सिम काम नहीं करते तो पोस्टपेड सिम पास में रखे 
  • यात्रा के दौरान अधिक रुक रुक के यात्रा मत करें
  • जहां भी रुके उस जगह को अच्छे से देख ले की कही लैंड स्लाइडिंग  होने का खतरा तो  नहीं 
  • भवन ऊँचाई पर स्थित होने से यहाँ तक की चढ़ाई में आपको उलटी व जी मचलाने संबंधी परेशानियाँ हो सकती हैं, जिनसे बचने के लिए अपने साथ आवश्यक दवाइयाँ जरूर रखें।
  • रास्ते में ज्यादा सामान न ले कर जाएं। खाने-पीने का सामान रास्ते में उपलब्ध है।
  • यात्री पर्ची के बिना कोई भी यात्री बाणगंगा चेक पोस्ट से आगे नहीं जा सकता। 
  • कटरा में मासांहार तथा शराब आदि पर प्रतिबन्ध है।
  • एक दूसरे का साथ न छोड़े, अगर छूट जाये तो उन्हें पड़ाव पे रुकने को पहले ही कह दे 
  • हलाकि मंदिर वर्ष भर भक्तो के लिए दर्शन पाने हेतु खुला रहता है पर सर्दी मे बर्फ बारी के कारण यात्रा थोड़ी कठिन हो जाती है | 
  • पिट्ठू, पोनी या पालकी ले रहे हैं तो उन्हें चलाने वालों का आईकार्ड जरूर चेक कर लें।
  • अगर विडियो कैमरा लेकर जाना चाहते हैं तो उसकी इजाजत ले लें।
  • चढ़ाई के दौरान बताए गए रास्ते का ही प्रयोग करें और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लें। शॉर्ट-कट के चक्कर में न पड़ें।
  • बहुत ज्यादा कैश, जूलरी या कोई और कीमती सामान ले जाने से बचें।
  • सर्दियों में भवन का न्यूनतम तापमान -3 से -4 डिग्री तक चला जाता है और इस मौसम से चट्टानों के खिसकने का खतरा भी रहता है। अत: इस मौसम में यात्रा करने से बचें। 
  • ब्लड प्रेशर के मरीज चढ़ाई के लिए सीढि़यों का उपयोग ‍न करें।  
  •  १२ किलोमीटर भवन ८ किलोमीटर भैरवनाथका मंदिर टोटल २०   आपको 20 x 2 = ४० किलोमीटर यात्रा करनी है 
  •  माँ का जयकारा आपके रास्ते की सारी मुश्किलें हल कर देगा। 
  • किसी भी जानकारी के लिए आप कमेंट बॉक्स के माध्यम से हमसे प्रश्न पूछ सकते है

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