Haridwar Yatra In Hindi- मेरी हरिद्वार की यात्रा

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Haridwar Yatra In Hindi-

मेरी हरिद्वार की यात्रा 

Haridwar Yatra In Hindi- मेरी हरिद्वार की यात्रा

दोस्तों आज मैं आपको हरिद्वार यात्रा और वहां घूमने वाली जगहों के बारे में बताऊंगा, हिन्दी में हरिद्वार का अर्थ हरि "(ईश्वर)" का द्वार होता है। हरिद्वार हिन्दुओं के सात पवित्र स्थलों में से एक है। हरिद्वार यात्रा प्रारम्भ करने से पहले आप भोले नाथ जी की जयकारा लगा लो, तो बोलो जय भोले नाथ, हरिद्वार को  सर्वाधिक पवित्र एवं प्रसिद्ध स्थल के रूप में जाना जाता है। यहाँ कुंभ मेला भी आयोजित होता है हर बारह वर्षों में मनाया जाता है   कुम्भ के मेले में लोगो की श्रद्धा देखने बनती है , देश विदेश से लोग कुम्भ मेले में आते है, प्रकृति प्रेमियों के लिए हरिद्वार स्वर्ग जैसा सुन्दर है। हरिद्वार उन पहले शहरों में से एक है जहाँ गंगा पहाडों से निकलकर मैदानों में प्रवेश करती है। मेरे दो दिन की यात्रा में हमने यहाँ यहाँ घुमा और अपने साथ बहुत सी यादें आपके साथ बाटने के लिए समेट लिए।  

कैसे जाये हरिद्वार - हम तो अपनी फेबरेट सवारी ट्रैन से गए थे, अच्छा लगता है जब आपकी ट्रैन प्रकृति की दी हुई खूबसूरत वादियों से होकर गुजरती है तो मन को अशिम शान्ति मिलती है, आप हरिद्वार जाने के लिए ट्रैन, बस, या हवाई जहाज की सवारी कर सकते है हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग ५८ से जुड़ा है निकटतम ट्रेन स्टेशन हरिद्वार में ही स्थित है जो भारत के सभी प्रमुख नगरों को हरिद्वार से जोड़ता है। निकटतम हवाई अड्डा जौली ग्रांट, देहरादून में है 

हिन्दू परम्पराओं के अनुसार, हरिद्वार में पांच तीर्थ गंगाद्वार (हर की पौडी), कुश्वर्त (घाट), कनखल, बिलवा तीर्थ (मनसा देवी), नील पर्वत (चंडी देवी) हैं।

हर की पौडी: Haridwar Railway Station To Har Ki Pauri Distance (1.7 km)

गंगा देवी की हरी की पौड़ी पर की जाने वाली आरती किसी के लिए भी महत्वपूर्ण अनुभव है। क्या भक्तिमय वातावरण हो जाता है की बस प्रभु की भक्ति ही नजर आती है और जब तीर्थयात्री जलते दीयों को नदी पर अपने पूर्वजों की आत्मा की शान्ति के लिए बहाते हैं तो ऐसा लगता है मनो पानी में दिव्य मय प्राकश की उत्पत्ति हो रही हो  विश्व भर से हजारों लोग अपनी हरिद्वार यात्रा के समय इस आरती में सामिल होने की इच्छा रखते है, हर-की-पौड़ी में एक बार डुबकी लगाने पर एक व्यक्ति के सारे पाप धुल जाते हैं।

चंडी देवी मन्दिर

यह मन्दिर चंडी देवी जो कि गंगा नदी के पूर्वी किनारे पर "नील पर्वत" के शिखर पर विराजमान हैं, को समर्पित है। मन्दिर चंडीघाट से ३ किमी दूरी पर स्थित है व एक रोपवे द्वारा भी पहुंचा जा सकता है। यहाँ रोपवे द्वारा पहुंचने का अनुभव बड़ा ही मजेदार रहा.. 

मनसा देवी मन्दिर- Haridwar Railway Station to mansa devi distance (2.2 km)

मनसा देवी मंदिर एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है जो हरिद्वार शहर से लगभग 3 किमी दूर स्थित है। यह पर्यटकों का लोकप्रिय स्थान, विशेषकर केबल कारों के लिए, जिनसे नगर का मनोहर दृश्य दिखता है। मुख्य मन्दिर में दो प्रतिमाएं हैं, पहली तीन मुखों व पांच भुजाओं के साथ जबकि दूसरी आठ भुजाओं के साथ, यहाँ भक्त केबल तारो के माध्यम से पहुंच सकते है ये भी मेरे लिए नया अनुभव था इस मंदिर में भ्रमण के दौरान भक्त एक पवित्र वृक्ष के चारों ओर एक धागा बांधते हैं एवं भगवान् से अपनी मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना करते हैं। मनोकामना पूर्ण होने के बाद वृक्ष से इस धागे को खोलना आवश्यक है। पर्यटक इस मंदिर तक केबल कार द्वारा पहुँच सकते हैं।


और भी घूमने वाली जगह है- इन जगहों के बारे में अगले अध्याय में बताऊंगा 
  1. चिल्ला वन्यजीव अभ्यारण्य, हरिद्वार
  2. भारत माता मंदिर
  3. पावन धाम हरिद्वार
  4. माया देवी मंदिर
  5. दक्ष महादेव मंदिर
  6. भीमगोड़ा टैंक
  7. चंडी देवी मंदिर
  8. गौ घाट, हरिद्वार
  9. दुधाधारी बर्फ़ानी मंदिर
  10. कामराज- काली मंदिर
  11. मोती बाज़ार,
 

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